Home सामाजिक सरोकार पुस्तक समीक्षा: ‘‘अमीर-गरीब भाग्य नहीं बनाता व्यवस्था बनाती है’’

पुस्तक समीक्षा: ‘‘अमीर-गरीब भाग्य नहीं बनाता व्यवस्था बनाती है’’

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पंकज भार्गव


एडवोकेट शम्भू प्रसाद ममगाईं द्वारा रचित पुस्तक ‘‘अमीर-गरीब भाग्य नहीं बनाता व्यवस्था बनाती है’’ में वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किये गये हैं। लेखक का कहना है कि किसी भी देश में जैसी राजनीति होगी उसकी झलक जनता में देखी जा सकती है। राजनीतिक व्यवस्था के पूंजीवादी और समाजवादी व्यवस्थाओं के नफे नुकसान को पुस्तक में बड़े ही सही तरीके से समझाया गया है।

जनता में राजनीतिक शिक्षा के अभाव के चलते होने वाले दुष्परिणामों पर लेखक ने चिंता जताते हुए एक नई राजनीतिक व्यवस्था को कायम करने पर जोर दिया है। देश के और आम आदमी के विकास के लिए राजनीतिक व्यवस्था की सोच को जगाते कलम के इस प्रयास को सराहनीय कहा जा सकता है।

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