Home व्यक्तित्व भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्षरत भ्रष्टाचारी हो ही नहीं सकता-एपी जुयाल

भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्षरत भ्रष्टाचारी हो ही नहीं सकता-एपी जुयाल

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पहाड़वासियों की भावनाओं से खिलवाड़ होता देख सरकारी विभाग में बतौर इंजीनियर के पद पर कार्यरत जुयाल जी ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया

लैंसडाउन क्षेत्र को आदर्श विधानसभा बनाना है सपना

उदय राम ममगाईं / प्रमुख संवाददाता डीबीएल

पृथक उत्तराखंड राज्य गठन को लेकर अपना सर्वस्व निछावर करने वाली शख्सियतों में देहरादून के आनंद प्रकाश जुयाल आज भी इस राज्य निर्माण के लक्ष्यों और उद्देश्यों को पटल पर देखने की खातिर संघर्षरत हैं। प्रदेश की पहचान और क्षेत्रीय पार्टी कहे जाने वाले उत्तराखंड क्रांति दल यूकेडी में बतौर कार्यकारी अध्यक्ष रहे आनंद जुयाल जी का उत्तराखंड के भविष्य और पहाड़ के सीधेसाधे जनमानस के प्रति स्नेह और समर्पण शब्दों में बयां करना सूरज को रोशनी दिखाने जैसा है।

सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पित आनंद प्रकाश जुयाल जी के व्यक्तित्व मेें पारिवारिक संस्कारों की झलक साफ तौर पर दिखलाई देती है। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद तेजी से पनपते भ्रष्टाचार और सत्ताधारी एवं गैरसत्ताधारी पार्टियों द्वारा पहाड़वासियों की भावनाओं से खिलवाड़ होता देख सरकारी विभाग में बतौर इंजीनियर के पद पर कार्यरत जुयाल जी ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया औैर पहाड़वासियों के अनुरूप राज्य गठन के सपने को पूरा करने में जुट गये।

जुयाल जी का कहना है कि उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना के पीछे सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि यहां की जनता को लगता था कि उत्तर प्रदेश में रहकर पर्वतीय क्षेत्र के जिलों का विकास इस लिए नहीं हो पाया क्योंकि प्रदेश और केंद्र में बैठे नेता और नौकरशाह पहाड़ के भूगोल को नहीं जानते, परन्तु प्रदेश में सत्ता की खातिर दो दशकों से राजनैतिक रोटियां सेकने का काम ही किया जा रहा है। ऐसे माहौल में जनता में निराशा का माहौल बनना स्वाभाविक है।

बकौल आनंद प्रकाश जुयाल कहते हैं कि उत्तराखंड राज्य की मांग जिन मुद्दों को लेकर हुई थी उनमें शिक्षा और स्वास्थ्य प्रमुख थे। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था किसी से छुपी नहीं है। वहीं उत्तराखंड के दूरस्थ गांवों में स्कूल खोलने की जगह सूबे की सरकारें स्कूलों को बंद करने का काम कर रही हैं। उनका कहना है कि इससे शर्मनाक बात क्या हो सकती है कि लियाणसैंण उ0मा0वि0 में शिक्षक न होने की वजह से ताला लटका हुआ है।
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इस बार यूकेडी के टिकट पर लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे आनंद प्रकाश जुयाल कहते हैं कि राज्य आंदोलन में यूकेडी का त्याग और यूकेडी के संस्थापक नेताओं का चरित्र बेदाग रहा है। पर्वतीय क्षेत्र में मूलभूत सुविधायें, रोजगार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, दूरसंचार, पर्यटन आदि मुद्दों सहित जल संसाधन, वन संसाधन और सबसे महत्वपूर्ण भू-कानून को अस्तित्व में लाना पार्टी की प्रमुखताओं में शामिल है। आपका सपना है कि यदि लैंसडाउन क्षेत्र की जनता उन्हें मौका देती है तो इस विधानसभा को आदर्श विधानसभा बनाया जाए।

प्रदेश में पसरे भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के घोर पक्षधर आनंद प्रकाश जुयाल जी से मुलाकात के बाद यही कहा जा सकता है कि अपने प्रदेश प्रेम और प्रदेशवासियों के हित की खातिर सरकारी नौकरी के उच्च पद के मोह को दरकिनार करना एक मिसाल है। भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाने का दम भरने वाले जुयाल जी का यह भी कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाला भ्रष्टाचारी हो ही नहीं सकता।

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