Home उत्तराखंड छात्राओं ने वनिता आश्रम में सीखे स्वस्थ खानपान के गुर

छात्राओं ने वनिता आश्रम में सीखे स्वस्थ खानपान के गुर

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डीबीएल संवाददाता/देहरादून। उदयन केयर संस्था की फैलोशिप से संबद्ध विभिन्न स्कूलों एवं कालेजों की छात्राओं ने बाल वनिता आश्रम में आयोजित त्रैमासिक कार्यशाला के अंतर्गत स्वस्थ खानपान के महत्व के साथ ही जीवन में आगे बढ़ने एवं सफलता प्राप्त करने के गुर प्राप्त किए। तिलक रोड स्थित बाल वनिता आश्रम में आयोजित त्रैमासिक कार्यशाला में विभिन्न सेक्टर के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए।

कार्यशाला में उदयन केयर दक्षिण दिल्ली के संयोजक संजीव गुप्ता ने छात्राओं को जीवन में कठिन परिश्रम का महत्व बताते हुए छात्राओं से अपनी रूचि एवं योग्यता के अनुसार अपना भविष्य बनाने एवं लगातार अपने कार्यों एवं व्यवहार के समुचित संयोजन से एक सफल एवं इंसान बनने को प्रेरित किया। कार्यशाला में अपने संबोधन में उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ खाद्य विश्लेषक रमेश जोशी ने अपनी विभिन्न कविताओं के द्वारा बेटियों के सम्मान के साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान एवं उससे होने वाली बीमारियों के प्रति उपस्थित छात्राओं को जागरूक करते हुए उससे बचने के उपाय बताए।

कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता अपने विचार रखते हुए जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी देहरादून जीसी कंडवाल ने कहा कि उत्तराखंड में स्वस्थ भारत यात्रा का प्रथम सोपान भले ही 19 जनवरी 2019 को पूर्ण हो चुका है लेकिन एफएससएआई द्वारा आयोजित इस भव्य यात्रा के संदेश को अब आम जनमानस तक पहुंचाने के लिए जनपद देहरादून में स्वस्थ भारत योजना का द्वितीय चरण शुरू किया जाएगा। जिसमें यात्रा के उद्देश्यों एवं संदेशों को स्कूली छात्र-छात्राओं एवं समाज के प्रति जागरूक लोगों के जरिए शहर से गांव तक पहुंचा कर स्वस्थ भारत यात्रा की आंच को ठंडा नहीं होने दिया जाएगा।

जीसी कंडवाल ने कहा कि 1929 में जब श्री श्रद्धानंद महाराज जी ने बाल वनिता आश्रम को बनाया था तो इस आश्रम के उद्घाटन के लिए उन्होंने महात्मा गांधी जी को ही बुलाया था, सौभाग्य की बात यह है गांधी जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित स्वस्थ भारत यात्रा का उत्तराखंड से अग्रसर होने के बाद मुझे इसी आश्रम के छात्र-छात्राओं को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का सौभाग्य मिला है। कंडवाल ने छात्राओं को शुद्ध खानपान एवं खाद्य सुरक्षा के बारे में विस्तार से बताया और प्रश्नों का जवाब देकर छात्राओं की जिज्ञासा को भी शांत किया।

उदयन केयर संस्था के संयोजक विमल डबराल ने संस्था का परिचय देते हुए बताया कि उदयन शालिनी फैलोशिप कार्यक्रम को देहरादून में लगभग दस वर्ष पूर्व प्रारंभ किया गया था जिसका वर्तमान में ग्यारहवां बैच चल रहा है। फैलोशिप के अंतर्गत समाज की आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की जरूरतमंद किंतु होनहार छात्राओं को ग्यारहवीं कक्षा से आगे की उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता के साथ ही कैरियर बनाने एवं जीवन के विभिन्न विषयों में मार्गदर्शन प्रदान कर उनके पूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए कार्य किया जाता है।

बाल वनिता आश्रम के सचिव ओम प्रकाश नांगिया ने उदयन केयर संस्था के कार्यों की प्रशंसा करते हुए आशा व्यक्त की कि आश्रम के बच्चों को भी संस्था का सहयोग मिले और वे भी जीवन में आगे बढ़ें। कार्यशाला में उदयन संस्था की मेंटर श्रीमती रोमिला यादव, केन्द्र कोआर्डिनेटर वरुणा, बाल वनिता आश्रम के सदस्यों के साथ ही उदयन शालिनी फैलोशिप से जुड़ी देहरादून एवं मसूरी के विभिन्न स्कूलों व कालेजों की डेढ़ सौ से अधिक छात्राएं, अभिभावक एवं बाल वनिता आश्रम के बच्चे उपस्थित थे।

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