एक्शन : देहरादून जिला प्रशासन ने बैंक से की 2 लाख राजस्व वसूली
बीमित ऋण क्लेम प्राप्त करने के बाद भी वसूली के लिए प्रताड़ित कर रहा था बैंक

डीबीएल संवाददाता / देहरादून।
देहरादून जिला प्रशासन की बैंकों की मनमानी और अन्याय के खिलाफ सख्त एक्शन की पहल जारी है। जिलाधिकारी सविन बसंल के समक्ष बैंक से बीमित ऋण धनराशि उपरान्त महिला को बैंक द्वारा वसूली लिए प्रताड़ित करने का मामला सामने आया, जिस पर जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी ने सम्बन्धित बैंक से वसूली कर शेष ऋण धनराशि का भुगतान करते हुए पीड़िता को न्याय दिलाया।
देहरादून की नवाबगढ़ निवासी विधवा ज्योति ने जिलाधिकारी के समक्ष गुहार लगाई कि कि उनके पति दान सिंह ने वर्ष 2021 में आईआईएफएल बैंक से होम लोन लिया गया था, जिसका बीमा भी कराया गया था। जिलाधिकारी से मामले की गुहार लगाते हुए पीड़िता ने बताया कि उनके पति ने जीवित रहते हुए ऋण की किस्तों के रूप में धनराशि जमा कराई। पति की मृत्यु के उपरांत उन्होंने निर्धारित बकाया धनराशि का भुगतान किया। मगर शर्तों के अनुसार बैंक द्वारा भूमि के मूल अभिलेख वापस नहीं किए गए। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि बैंक के वसूली एजेंटों ने उनके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
जिलाधिकारी देहरादून ने मामले की जांच उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी से कराये जाने के बाद पाया गया कि बीमित ऋण की राशि प्राप्त होने के बावजूद बैंक द्वारा शेष धनराशि के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा था। जिलाधिकारी के निर्देश पर शेष धनराशि की वसूली राजस्व वसूली की भांति कराते हुए जिला प्रशासन की टीम ने बैंक से संबंधित देयता का निस्तारण कराया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में किसी भी बैंक, वित्तीय संस्था या वसूली एजेंट द्वारा आमजन, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं असहाय परिवारों के साथ किसी प्रकार की अभद्रता, दबाव या उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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