उत्तराखंड

दून के पुरोहितवाला गांव में जल संरक्षण मॉडल देखने पहुंची आईयूसीएन टीम

11 देशों के 17 प्रतिनिधियों ने बाणगंगा क्षेत्र में जल संरक्षण मॉडल का किया अध्ययन

डीबीएल संवाददाता / देहरादून।

जैव विविधता के संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग एवं प्राकृतिक समाधानों को बढ़ावा देने के लिए गठित अंतराष्ट्रीय संघ आईयूसीएन इंटरनेशन यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर के प्रतिनिधिमंडल ने गुरूवार को देहरादून स्थित ग्राम पुरोहित वाला बाण गंगा जलागम क्षेत्र का भ्रमण कर स्प्रिंग एंड रिवर रिज्युविनेशन के तहत संचालित कार्यों का अवलोकन किया।

आईयूसीएन के अंतराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल में 11 देशों से आए 17 प्रतिनिधियों की टीम ने बाणगंगा जलागम क्षेत्र में किए गए विभिन्न संरक्षण उपायों-जैसे वर्षा जल संचयन, स्रोत संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण संरचनाएं, कंटूर ट्रेंच, चेकडैम, चालखाल निर्माण एवं सामुदायिक सहभागिता आधारित जल प्रबंधन कार्यो की विस्तृत जानकारी ली।

प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार ने बाणगंगा स्प्रिंग शेड में जल संरक्षण के लिए निर्मित प्राकृतिक संरचनों के निर्माण, उपयोग और उनसे प्राप्त सकारात्मक परिणामों के संबंध में प्रतिनिधिमंडल को विस्तार से अवगत कराया।

एसीईओ सारा, डॉ. कहकशां नसीम ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जल स्रोतों के संरक्षण हेतु एक व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय संस्था आईयूसीएन द्वारा ब्रिज गैप परियोजना संचालित की जा रही है। उत्तराखंड में जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का अध्ययन करने के उद्देश्य से आईयूसीएन टीम पुरोहितवाला गांव पहुंची।

आईयूसीएन प्रतिनिधिमंडल में यूनाइटेड किंगडम, नॉर्वे, पोलैंड, जर्मनी, इक्वाडोर, जिम्बाब्वे, अमेरिका, स्पेन, कैमरून, केन्या, ताजिकिस्तान एवं भारत सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button