सामाजिक सरोकार

पुस्तक ‘नाद नन्दिनी’ का लोकार्पण – बुद्धिजीवियों ने केशव अनुरागी को बताया प्रेरणाश्रोत

डीबीएल संवाददाता / देहरादून।

दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की ओर से लोक संगीत के ज्ञाता और संस्कृतिविद केशव अनुरागी की पुस्तक राग नन्दिनी का लोकार्पण व चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित कक्ताओं ने लोक संगीत के विशेषज्ञ केशव अनुरागी की महत्वपूर्ण पुस्तक राग नन्दिनी को संगीत विषय के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंनें अनुरागी जी को पहाड़ के लोक संगीत पर यथार्थ समझ रखने वाला विलक्षण संस्कृति कर्मी बता कर उनके कार्यों को याद किया और उन्हें श्रद्धाजंलि दी।

पद्मश्री डॉ माधुरी बड़थ्वाल ने केशव अनुरागी जी की उल्लेखनीय कृति “नांद नन्दिनी“ को उत्तराखंड के लोक संगीत के इतिहास में एक मील का पत्थर बताया। गढ़रत्न नरेन्द्र नेगी ने कहा कि केशव अनुरागी जी से उनके गुरु रहे और उनसे ही उन्होंने संगीत की मूल शिक्षा ली है। पत्रकार राजीव नयन बहुगुणा ने कहा कि अनुरागी जी ने इस महत्वपूर्ण पुस्तक में लोक संगीत का व्यवस्थित वर्गीकरण के साथ ही संगीत संरचनाओं की विस्तृत व्याख्या की है। सामाजिक इतिहासकार डॉ. योगेश धस्माना ने भी केशव अनुरागी जी के लोकसंगीत को दिये महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें विलक्षण लोक कलाकार बताया। विनोद रतूड़ी ने कहा कि केशव अनुरागी का लोक के प्रति ज्ञान और लोक संगीत के प्रति उनका समर्पण आगे की पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

इस अवसर पर विभूति भूषण भट्ट, राकेश ढौंढियाल,मुकेश नौटियाल डॉ.पंकज नैथानी, संतोष खेतवाल, सुंदर सिंह बिष्ट, रामचरण जुयाल, डॉ. वी. के. डोभाल, डॉ. लालता प्रसाद, शूरवीर सिंह रावत, पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. डी.के. पाण्डे,मोहन सिंह रावत, मनोज इष्टवाल, भारती आंनद, प्रेम पंचोली, जगदम्बा मैठाणी, अनिल कुमार, डॉ.एसपी सती, जगदीश बाबला,लेखक, साहित्यकार, संस्कृति व संगीत प्रेमी एवं दून लाइब्रेरी के युवा पाठक मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button