जनजातीय परंपराओं को संरक्षित करना सभी की जिम्मेदारी : सीएम
नरेंद्र सिंह नेगी, किशन महिपाल और नरेश बादशाह की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ जनजातीय महोत्सव का आगाज

डीबीएल संवाददाता / देहरादून।

उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 का शुभारंभ नरेंद्र सिंह नेगी, किशन महिपाल और नरेश बादशाह की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयोजन का शुभारंभ करते हुए कहा कि हमारे जनजातीय युवाओं और विद्यार्थियों का उत्साह और आत्मीयता वास्तव में प्रेरणादायक है। यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम अपनी समृद्ध जनजातीय परंपराओं, मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित और प्रोत्साहित करें।
बुधवार को परेड ग्राउंड में उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री खजान दास ने की। कार्यक्रम में विधायक कैंट सविता कपूर, उपाध्यक्ष ट्राइबल एडवाइजरी कौंसिल गीता राम गौड़, देशराज कंडवाल, संदीप तिवारी, ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट (टीआरआई) उत्तराखंड के निदेशक एस.एस. टोलिया, समन्वयक राजीव कुमार सोलंकी तथा अतिरिक्त निदेशक योगेंद्र रावत सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
लोक संगीत और नृत्य ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध :
महोत्सव में जनजातीय कला एवं शिल्प की विस्तृत प्रदर्शनी के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। उत्तराखंड की थारू, जौनसारी, भोटिया, बुक्सा और राजी जनजातियों ने अपनी पारंपरिक लोक संगीत और नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
तीन दिवसीय महोत्सव में देश भर के कलाकार कर रहे प्रतिभाग :
राज्य जनजातीय शोध संस्थान टीआरआई, उत्तराखंड द्वारा आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव राज्य की समृद्ध और विविध जनजातीय विरासत का उत्सव है। इस महोत्सव में अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और उत्तराखंड सहित देशभर से आए कलाकारों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन संस्कृति, शिल्प और परंपरा का जीवंत संगम बन गया है।
रिंकू राणा व दर्शन लाल को आदि गौरव सम्मान :
इस अवसर पर वर्ष 2026 के लिए ‘आदि गौरव सम्मान’ की भी घोषणा की गई, जिसके अंतर्गत उत्तराखंड के दो व्यक्तियों को मरणोपरांत सम्मानित किया गया। इनमें थारू जनजाति की प्रथम लोक गायिका स्वर्गीय रिंकू राणा तथा बुक्सा जनजाति के जनजातीय नेता दर्शन लाल शामिल रहे।



