मजदूरों, किसानों और कर्मचारियों का हो रहा शोषण : बिष्ट
12 फरवरी को हड़ताल को लेकर उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियन के पदाधिकारियों ने की प्रैसवार्ता

डीबीएल संवाददाता / देहरादून।
सरकार की नीतियों को मजदूरों, किसानों और कर्मचारियों के खिलाफ बताते हुए केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 12 फरवरी को देशभर में हड़ताल की घोषणा की गई है। इस सम्बंध में उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति की ओर से आयोजित प्रैसवार्ता में समिति के पदाधिकारियों ने केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
मंगलवार को आयोजित प्रैसवार्ता में इंटक के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार गरीब जनता को राहत की जगह उजाड़ने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों, किसानों और कर्मचारियों की अनदेखी कर सरकार अपना हित साधने में लगी हैं। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों की जगह श्रम संहिताओं को लाकर भाजपा सरकार मजदूरों को गुलामी का जीवन जीने के लिए मजबूर करना चाहती है, जिसके खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल को संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति पूरा समर्थन करेगी।
सीटू के प्रांतीय सचिव लेखराज ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने कोरोना काल में विपक्ष के सांसदों को निलंबित कर श्रम कानूनों के स्थान पर श्रमिक विरोधी श्रम संहितायें बनाने में लिप्त थी। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हड़ताल के समर्थन में सीटू, इंटक, एटक, एक्टू सहित आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ती यूनियन, आंगनबाड़ी यूनियन, स्कूल कर्मचारी, संविदा श्रमिक संघ, बैंक, बीमा आदि कर्मचारी यूनियनों से जुड़े कार्यकर्ता गांधी पार्क से सचिवालय तक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम को 21 सूत्रीय मांगपत्र भी प्रेषित किया जाएगा।
सीटू के प्रांतीय महामंत्री राजेन्द्र सिंह नेगी ने भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार पर मनरेगा, बिजली, बस्तियां में रहने वाले गरीब लोगों को उजाड़ने के साथ स्मार्ट सिटी और एलिवेटेड रोड के नाम पर पर्यावरण नष्ट करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हड़ताल को पूरी तरह से सफल बनाया जाएगा।
इस दौरान ऐटक के प्रांतीय महामंत्री अशोक शर्मा, जिला अध्यक्ष अनिल कुमार, सीटू के एसएस नगी, रविन्द्र नौढ़ियाल आदि मौजूद रहे।



