दून पुस्तकालय में पुस्तक बार्लोगंज एंड बियॉन्ड का विमोचन
प्रोफे. बी.के. जोशी की संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक पर बुद्धिजीवियों ने की चर्चा

डीबीएल संवाददाता / देहरादून।
दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से प्रो. बीके जोशी की संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक बार्लोगंज एंड बियॉन्ड का विमोचन और बाद में उस पर चर्चा का आयोजन किया गया।
केन्द्र के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में सुपरिचित अंग्रेजी साहित्य के कवि प्रो. अरविंद के मेहरोत्रा, वरिष्ठ लेखक एलन सीली तथा लेखिका मंजरी मेहता ने पुस्तक पर गहन बातचीत की, इस बातचीत का संचालन पत्रकार रंजोना बनर्जी ने किया। प्रो. बीके जोशी की यह पुस्तक मसूरी के बार्लोगंज और आगे के कई खट्टे-मीठे अनुभवों के किस्से प्रस्तुत करती है।
सुपरिचित इतिहासकार एवं पर्यावरण के जानकार रामचंद्र गुहा ने इस पुस्तक को “एक विद्वान-से-संस्थान-निर्माता की आकर्षक आत्मकथा“ की संज्ञा प्रदान की है, जो “भौगोलिक और विषयगत रूप से एक विस्तृत दायरे में विस्तृत हुई है। साफ और सधी हुई गद्य शैली में लिखी यह आत्मकथा न तो नॉस्टैल्जिया में डूबी है और न ही आत्म-प्रदर्शन में। इसके बजाय, यह एक स्थिर और स्पष्ट विवरण देती हुई प्रतीत होती है, कि कैसे व्यक्तिगत इतिहास भारत की स्वतंत्रता के बाद के बड़े संस्थागत और ऐतिहासिक बदलावों के साथ जुड़ते हैं।
कार्यक्रम का संचालन निकोलस हॉफलैण्ड ने किया कार्यक्रम के प्रारम्भ में टेथिस बुक्स की ओर से नीता गुप्ता और दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की ओर से चंद्रशेखर तिवारी ने स्वागत किया. नीता गुप्ता ने कहा कि अपने शैक्षिक संस्थानों और साहित्यिक व संस्कृति के लिए प्रसिद्ध इस शहर में, दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र में बार्लोगंज एण्ड बियाण्ड का लोकार्पण आत्मकथ्य के केंद्रीय विषय को सहज रूप से उजागर करती है। पुस्तक चर्चा के दौरान एलन सीली और प्रो. मेहरोत्रा ने पुस्तक के कुछ अंशों का वाचन भी किया।
कार्यक्रम में केन्द्र के निदेशक एन. रवि शंकर, पूर्व प्रमुख सचिव विभा पुरी दास, पुस्तकालयाध्यक्ष, जेबी गोयल, पूर्व मुख्य सचिव इन्दु कुमार पाण्डे, एनएस नपलच्याल, डॉ. इन्दु सिंह, बीनू जोशी, मालविका चौहान, नादिर बिलमोरिया, डॉ. डी.एन. भटकोटी, बिजू नेगी, रानू बिष्ट,हरि राज सिंह, डॉ. सुधारानी पाण्डे, डॉ. योगेश धस्माना, सहित युवा पाठक, साहित्यप्रेमी, व अन्य प्रबुद्ध लोग उपस्थित रहे।



