उत्तराखंड

नैनीताल की झीलें उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर : डॉ. आर. राजेश

आवास सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने झीलों के पुनर्विकास और सौन्दर्यकरण परियोजना से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक ली

डीबीएल संवाददाता।

नैनीताल जिले की झीलें उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर हैं और इनके संरक्षण तथा सुव्यवस्थित विकास के लिए सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। यह बात आवास सचिव डॉ0 आर राजेश कुमार ने झीलों के पुनर्विकास और सौन्दर्यकरण परियोजना से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीमताल, नौकुचियाताल और कमलताल झील से जुड़ी सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

सचिव आवास डॉ0 कुमार ने कहा कि नैनीताल की झीलों को और अधिक आकर्षक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल सौन्दर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यटकों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित करना, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए संतुलित विकास सुनिश्चित करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि झीलों के आसपास स्वच्छता, हरियाली और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का समन्वित विकास किया जाएगा।

बैठक में नैनीताल के जिलाधिकारी डॉ. ललित मोहन रयाल वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस दौरान उप सचिव आवास रजनीश जैन, अनुसचिव वित्त गौरीशंकर जोशी और राज्य सरकार के विशेष सलाहकार जी.पी. पंत भी मौजूद रहे।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा :

इन परियोजनाओं के पूरा होने से नैनीताल जनपद की झीलों के आसपास पर्यटन सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही झीलों के आसपास का क्षेत्र अधिक सुव्यवस्थित और आकर्षक दिखाई देगा।

पर्यटकों के लिए बनेंगे गजिबो, सेल्फी प्वाइंट और बोटिंग स्टैंड :

झील के आसपास चार गजिबो, एक आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, पार्किंग सुविधा तथा बोटिंग स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र में लैंडस्केपिंग, बच्चों के खेलने के लिए आधुनिक उपकरण, हॉर्टिकल्चर कार्य और विद्युत्तीकरण की व्यवस्था भी विकसित की जाएंगी। इन सुविधाओं के विकसित होने से नौकुचियाताल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

भीमताल झील के सौन्दर्यीकरण पर विशेष जोर :

समीक्षा बैठक में भीमताल झील के पुनर्विकास और सौन्दर्यकरण परियोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2567.49 लाख रुपये निर्धारित की गई है। योजना का उद्देश्य भीमताल झील क्षेत्र को पर्यटन के लिहाज से अधिक आकर्षक, सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाना है ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके और क्षेत्र का समग्र विकास हो।

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