अब पेट्रोल पंपों पर मिलेंगे महिला समूहों के उत्पाद
डोईवाला पेट्रोल पंप में खुलेगा पहला हिलान्स आउटलेट

डीबीएल संवाददाता।
अक्सर ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि वे बेहतरीन उत्पाद तो बना लेते हैं, लेकिन उन्हें बेचने के लिए बड़ा बाजार नहीं मिल पाता। देहरादून जिला प्रशासन ने इस समस्या का एक बेहद आधुनिक और प्रभावी समाधान निकाला है। अब जिले के व्यस्त पेट्रोल पंपों पर इन महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष ‘हिलान्स आउटलेट’ स्थापित किए जाएंगे।
इसी कड़ी में देहरादून जिला प्रशासन और रीप परियोजना ने मिलकर ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को एक मंच प्रदान किया है। यह पहल महज दुकानों की शुरुआत नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के गांवों में रहने वाली उन हजारों महिलाओं के सपनों, उनकी आत्मनिर्भरता और आर्थिक आजादी की एक नई और सुनहरी इबारत है, जो अब पूरे देश के सामने मिसाल बनने जा रही है।
इस बड़ी योजना को जमीन पर उतारने के लिए राज्य स्तर पर जिला प्रशासन और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के बीच एक एमओयू हुआ है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि पेट्रोल-डीजल भराने रुकने वाले लाखों पर्यटक और स्थानीय उपभोक्ता सीधे इन पहाड़ी उत्पादों को खरीद सकेंगे।
डोईवाला में सजेगा प्रदेश का पहला आउटलेट :
इस अनूठी पहल की शुरुआत विकासखंड डोईवाला से होने जा रही है। जिला परियोजना प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि स्टेट लेवल पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के साथ हुए एमओयू के तहत पहले चरण में डोईवाला के फन एंड फूड किंगडम वाटर पार्क के पास स्थित आईओसीएल पेट्रोल पंप पर प्रदेश का पहला हिलान्स आउटलेट खोला जा रहा है। इसके बाद अन्य पेट्रोल पंपों पर भी इसका विस्तार किया जाएगा।
एक ही छत के नीचे मिलेगा उत्तराखंड का पारंपरिक स्वाद :
हिलान्स आउटलेट्स पर पर्यटकों और आम जनता के लिए उत्तराखंड के शुद्ध और प्रामाणिक उत्पाद उपलब्ध होंगे। इनमें मुख्य रूप से पारंपरिक पहाड़ी दालें गहत, भट्ट और तोर, शुद्ध पहाड़ी मसाले और जड़ी-बूटियाँ, स्थानीय डेयरी और खाद्य उत्पाद के साथ ही ग्रामीण महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित हैंडीक्राफ्ट सामग्रियां भी शमिल है।



