स्वास्थ्य

सीमांत क्षेत्र में आंख के मरीजों को मिलेगी लेसिक सर्जरी की सुविधा

डीबीएल संवाददाता / देहरादून।

सीमांत सेवा फाउंडेशन द्वारा संचालित डॉ. लीलाधर भट्ट सीमांत नेत्र चिकित्सालय में लेसिक सर्जरी की सुविधा का शुभारंभ किया गया। इस सुविधा से अब पिथौरागढ़ सहित आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को चश्मे का नंबर कम करने अथवा चश्मे पर निर्भरता समाप्त करने के लिए लेजर उपचार का विकल्प स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा।

सोमवार को डॉ. लीलाधर भट्ट सीमांत नेत्र चिकित्सालय में पिथौरागढ़ नगर निगम की महापौर कल्पना देवलाल एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेएस चुफाल ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक वतन जी ने भी डॉ. लीलाधर भट्ट सीमांत नेत्र चिकित्सालय को लेसिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शुभकामनायें दीं।

आधुनिक लेजर तकनीक पर आधारित एक प्रक्रिया है, जिसमें आंख के कॉर्निया का आकार नियंत्रित तरीके से बदलकर दृष्टि संबंधी समस्याओं, जैसे निकट दृष्टिदोष, दूर दृष्टिदोष को ठीक करने का प्रयास किया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद कई मरीजों की चश्मे पर निर्भरता कम हो सकती है। इसके लिए आंखों की विस्तृत जांच और विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह आवश्यक है।

इस अवसर पर सीमांत सेवा फाउंडेशन के उपाध्यक्ष ललित पंत, सचिव डॉ सिद्धार्थ पाटनी, डॉ आदित्य अग्रवाल, दीवान सिंह वल्दिया, राजेंद्र देवलाल, सेवा भारती के देवराज सिंह, किशन भाटिया, सीमांत नेत्र चिकित्सालय का समस्त स्टाफ तथा क्षेत्र के अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे :

फाउंडेशन द्वारा नेत्र चिकित्सालय के साथ-साथ हल्द्वानी के लामाचौड़ में सीमांत पॉलीक्लिनिक, पिथौरागढ़ के 104 दूरस्थ गांवों में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं और विभिन्न क्षेत्रों में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर स्थानीय निवासियों, तीर्थयात्रियों और सुरक्षा कर्मियों के लिए भी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में बनबसा स्थित सीमांत पब्लिक स्कूल के माध्यम से संस्था अपना योगदान दे रही है।

गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराना लक्ष्य :

सीमांत नेत्र चिकित्सालय की यह उपलब्धि संस्था की निरंतर सेवा यात्रा का परिणाम है। सीमांत सेवा फाउंडेशन ने वर्ष 2016 में सीमांत क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिविरों के माध्यम से कार्य शुरू किया था। इसके बाद अक्टूबर 2023 में पिथौरागढ़ में डॉ. लीलाधर भट्ट सीमांत नेत्र चिकित्सालय की स्थापना की गई। अस्पताल का उद्देश्य सीमांत और दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

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