विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस – मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण

डीबीएल संवाददाता / देहरादून।
सेलाकुई। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सेलाकुई स्थित राजकीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशीलता एवं सहयोग की भावना विकसित करना रहा। इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है।
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र सिंह कंडारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, बच्चे और अन्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान बच्चों ने नाटक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भाषणों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूक किया गया। मानसिक परेशानी से जूझ रहे लोगों को उपेक्षित करने या उनके साथ भेदभाव करने के बजाय उन्हें समझने, सहयोग देने और समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। परिवार और समाज का सकारात्मक व्यवहार मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से उबरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस मौके पर राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण देहरादून की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शिखा जंगपागी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के संदर्भ में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जागरूकता बढ़ने से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के उपचार और परामर्श का लाभ मिल सकता है।
सेलाकुई राजकीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र सिंह कंडारी ने बताया कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर लोगों को जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीरता से लेने के साथ ही आत्महत्या की रोकथाम और जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।



