‘एड्स से डरें नहीं, जागरूक बनें’- समय पर जांच और सही इलाज ही सुरक्षा की कुंजी
उत्तराखण्ड राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रायोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में समाज के विभिन्न समुदाय के लोगों को एड्स की बीमारी से बचाव को लेकर जागरूक किया गया। कार्यक्रम में विभागीय प्रशिक्षक चन्द्रकांता ने प्रतिभागियों को विस्तापूर्वक दी जानकारी। प्रशिक्षण में 40 से अधिक महिलाओं ने किया प्रतिभाग।

डीबीएल संवाददाता / देहरादून।

एड्स से डरें नहीं, जागरूक बनें’ समय पर जांच और सही इलाज ही सुरक्षा की कुंजी है यह बात बुधवार को देहरादून स्थित शिवाजी धर्मशाला में उत्तराखण्ड एड्स कंट्रोल सोसाइटी की सहयोगी संस्था अभिव्यक्ति सोसाइटी द्वारा आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में विभागीय प्रशिक्षक चन्द्रकांता ने कही। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद प्रतिभागियों को एचआईवी/एड्स की बीमारी के कारणों एवं बचाव के बारे में बुनियादी जानकारी देकर जागरूक किया। उन्होंने बताया कि केवल खून की जांच से ही एचआईवी के शरीर में उपस्थिति का पता लगाया जा सकता है। यह जांच स्वास्थ्य विभाग के एकीकृत परामर्श (आईसीटीसी)/माता-पिता से बच्चे में संक्रमण की रोकथाम (पीपीटीसीटी) केन्द्रों पर मुफ्त की जाती है।
प्रशिक्षक चन्द्रकांता ने एचआईवी के फैलने के कारणों बचाव के तरीकों, उपचार के साथ एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति के अधिकारों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में प्र्रतिभागियों को जानकारी दी गई कि प्रदेश के सभी जनपदों में स्थित डीटीओ कार्यालय से संपर्क कर दूर दराज के लोगों को भी एचआईवी एड्स बीमारी के प्रशिक्षण के लिए आग्रह किया जा सकता है। इस दौरान प्रतिभागी महिलाओं ने प्रशिक्षक से सवाल भी किए और अपनी शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षणार्थी को उत्तराखण्ड राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी की एचआईवी एड्स सम्बंधी पठन सामग्री भी वितरित की गई।
कार्यक्रम में अभिव्यक्ति सोसाइटी की दामिनी ममगाईं, गीताजंली ढोंढियाल, शालिनी सुरीरा आदि मौजूद रहे।
भ्रांतियों का निवारण:
कार्यक्रम में बताया गया कि एचआईवी पीड़ित व्यक्ति के साथ हाथ मिलाने, साथ बैठकर खाना खाने, गले मिलने या उनके द्वारा छुई गई वस्तुओं का उपयोग करने से एड्स कभी नहीं फैलता।
पीड़ित से भेदभाव न करने की करी अपील:
प्रशिक्षक ने बताया कि एड्स रोगियों के साथ सामाजिक भेदभाव बंद होना चाहिए। उन्हें हमारे सहयोग और सहानुभूति की आवश्यकता है, न कि बहिष्कार की।
हेल्पलाइन नंबर 1097 पर करें संपर्क:
कार्यक्रम के दौरान विभागीय प्रशिक्षक चन्द्रकांता ने बताया कि एचआईवी की अधिक जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी एड्स हेल्पलाइन नंबर 1097 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
जानकारी को साझा करने की ली शपथ:
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने एचआईवी एड्स की जानकारी को महत्वपूर्ण बताते हुए भावी पीढ़ी के अच्छे स्वास्थ्य की दिशा में हर संभव सहयोग का आश्वासन देने के साथ कार्यक्रम के आयोजकों और प्रशिक्षक का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात की शपथ ली कि वे कार्यक्रम से मिली जानकारियों को अपने समाज की महिलाओं व बच्चों से साझा करेंगी।



