उत्तराखंड

बड़ी पहल – आपदा प्रबंधन और पंचायती राज मिलकर करेंगे काम

डीबीएल संवाददाता / देहरादून।

उत्तराखण्ड को आपदा सुरक्षित बनाने की दिशा में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने महत्वपूर्ण पहल की है। अब आपदा प्रबंधन विभाग और पंचायती राज विभाग मिलकर कार्य करेंगे, ताकि ग्राम स्तर पर आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत किया जा सके और स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके। इस पहल के तहत प्रथम चरण में राज्य के ग्राम प्रधानों को आपदा प्रबंधन का व्यवहारिक एवं आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम प्रधानों को आपदा की स्थिति में फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में तैयार करना है ताकि वे आपदा के बाद प्रारंभिक राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें और पेशेवर बचाव दलों के पहुंचने तक स्थिति को नियंत्रित रख सकें।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने गुरुवार को यूएसडीएमए में विश्व बैंक सहायतित यू-प्रिपेयर परियोजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

आपदा शैल्टरों के निर्माण को लेकर मंत्री ने कहा कि उनके लिए स्थान का चयन अत्यंत सोच-समझकर किया जाए। स्थान का चयन करते समय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, आपदा जोखिम और स्थानीय आवश्यकता को प्राथमिकता दी जाए। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उन्होंने यूएसडीएमए भवन में प्रस्तावित अत्याधुनिक राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। सभी जनपदों में स्थापित जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों को आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित कर उन्हें और अधिक सक्षम बनाने को कहा।

उन्होंने कहा कि आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संबंधित विभागों को आधुनिक उपकरण और संसाधनों से सुसज्जित करना आवश्यक है। इस दिशा में पीडब्ल्यूडी, वन विभाग, एसडीआरएफ तथा अन्य संबंधित विभागों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सर्वोत्तम उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक विभागों की क्षमता मजबूत नहीं होगी, तब तक आपदाओं का प्रभावी प्रबंधन संभव नहीं है।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, सचिव खाद्य एवं परियोजना निदेशक आनंद स्वरूप, एसीईओ प्रशासन महावीर सिंह चौहान, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, वित्त नियंत्रक अभिषेक कुमार आनंद, यूएलएमएमसी के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार, एपीडी एसके बिरला, डॉ. मोहित पूनिया, पीडी माथुर आदि मौजूद रहे।

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