उत्तराखंड

यमुनोत्री धाम मार्ग पर डबरकोट में भूस्खल का विकल्प तलाशने की कवायत

शान्ति टम्टा/उत्तरकाशी। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिर दर्द बने ओजरी डबरकोट में बार-बार मार्ग अवरुद्ध होने के चलते यात्रियों को दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है। डबरकोट से लगातार हो रहे भूस्खलन को रोकने के को लेकर प्रशासन भी समाधान तलाशने में लगा है। यात्रियों के अलावा भूस्खलन से स्थानीय किसानों की फसल भी तबाह हो रही है। गुरूवार को डबरकोट भूस्खलन से निजात पाने के लिए स्थानीय विधायक केदार सिंह की पहल पर वैकल्पिक मार्ग के सर्वेक्षण के लिए प्रशासन की पांच सदस्यीय जांच टीम डबरकोट पहुंची।

डबरकोट क्षेत्र में पहाड़ी से होने वाले भूस्खलन के कारण ओजरी गांव से बने वैकल्पिक मार्ग का मुवावजा न मिलने पर ओजरी गांव के ग्रामीण में भी आक्रोश देखने को मिला ग्रामीणों ने त्रिखली कुंसाला से बन ने वाले वैकल्पिक मार्ग के सर्वेक्षण का भी विरोध जताया है। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा है कि यदि मुवावजे का भुगतान जल्द ही नहीं किया जाता है तो ग्रामीण किसी भी निर्माण कार्य का पुरजोर विरोध करेंगे।

गुरूवार को जांच कमेटी ने ओजरी त्रिखली वैकल्पिक मार्ग व वैली ब्रिज के लिए स्थान व मार्ग का सर्वेक्षण किया। टीम में प्रशासन की ओर से तकनीकी सलाकार आरपी भट्ट ने बताया कि प्रशासन के द्वारा पांच सदस्य टीम बनाई गई है। वैकल्पिक मार्ग व वैली ब्रीज का सर्वेक्षण व अनुमानित लागत की रिपोर्ट तैयार करके इस कार्य की रिपोर्ट तीन दिन में प्रशासन को सौंपने की बात कही ।

इस मौके पर यमुनोत्री विधायक केदार सिंह, चीफ इंजीनियर आरपी भट्ट, चीफ इंजीनियर लोनिवि टिहरी गढ़वाल, चीफ़ इंजीनियर लोनिवि उत्तरकाशी नवनीत पांडे, जेपी रतूड़ी जेष्ठ प्रमुख प्रकाश असवाल, ग्राम प्रधान ओजरी बलवीर चौहान, अनिल कुमार, मनमोहन सिंह, चैन सिंह सहित काफी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।

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