पहाड़ों की रानी मसूरी की हालत चिंतनीय: जुगरान

डीबीएल संवाददाता।
पहाड़ों की रानी मसूरी की बढ़ती आबादी और अनियोजित विकास का बोझ उठाने की स्थिति में नहीं है। पहाड़ों और जंगलों के कटान से लेकर खनन और तेजी से बढ़ते कंक्रीट के निर्माण ने शहर की भार क्षमता पर गंभीर असर डाला है। आने वाले समय में यदि निर्माण गतिविधियों और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया तो इसका सीधा असर मसूरी के पर्यावरण और पर्यटन पर पड़ेगा। भाजपा के प्रदेश प्रवक्त रविन्द्र जुगरान ने मसूरी में पत्रकार वार्ता के दौरान यह बात कही।
लाइब्रेरी क्षेत्र में के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रविन्द्र जुगरान ने मसूरी के एमपीजी कॉलेज के प्रांतीयकरण पर सवाल उठाया है और कहा कि अब तक विद्यार्थियों को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की डिग्री मिलती रही है लेकिन प्रांतीयकरण के बाद कॉलेज को श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से जोड़ने की बात है। उन्होने नगर पालिका को प्रस्ताव पर पुनर्विचार करना चाहिए। कॉलेज की हॉस्टल भूमि में पेड़ों के कटान का मामला उठाते हुए उन्होंने जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उन्होंने आशंका जताई कि यदि कॉलेज की भूमि और संपत्तियों की निगरानी नहीं की गई तो भविष्य में इन्हें खुर्दबुर्द किए जाने का खतरा बढ़ सकता है।
रविन्द्र जुगरान ने कहा कि करीब तीन महीने से अपने सहयोगी साथियों के साथ मसूरी के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण के दौरान पाया गया कि मसूरी शहर और आसपास के क्षेत्रों में जिस तेजी से पहाड़ों और पेड़ों का कटान हो रहा है, वह चिंता का विषय है। उन्होंने एमडीडीए, वन विभाग, खनन, राजस्व और पर्यावरण से जुड़े विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मसूरी की पहचान केवल एक पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि प्राकृतिक विरासत के रूप में रही है। आज शहर में चारों ओर निर्माण का दबाव बढ़ रहा है। मसूरी से करीब 15 किलोमीटर के दायरे में भी पेड़ों और पहाड़ों के कटान, खनन, चारागाह की भूमि खुर्दबुर्द किए जाने और अवैध निर्माण की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने जॉर्ज एवरेस्ट से संबंधित मामले को लेकर भी शिकायत किए जाने की बात कही। वहीं पुरुकुल-मसूरी रोपवे के टावर की नींव को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि टावरों की नींव सुरक्षित नही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मसूरी में छोटे मकानों के नक्शे पास कराने में लोगों में आम लोगों को परेशानी हो रही है मगर मसूरी में बड़े निर्माण तेजी से हो रहे हैैं।
इस अवसर पर डॉ. दीपक जोशी, रविन्द्र गुसाईं, सुनील रतूड़ी, गंभीर पंवार, नीरज अग्रवाल, नरेंद्र बिष्ट, शूरवीर भंडारी सहित स्थानीय लोग मौजूद रहे।



